ग्रेनाइट के चबूतरे काले क्यों होते हैं?

ग्रेनाइट के चबूतरे उच्च गुणवत्ता वाले "जिनान ब्लू" पत्थर से मशीनिंग और हाथ से घिसाई करके बनाए जाते हैं। इनमें काली चमक, सटीक संरचना, एकसमान बनावट, उत्कृष्ट स्थिरता, उच्च शक्ति और उच्च कठोरता जैसे गुण होते हैं। ये भारी भार और मध्यम तापमान पर भी उच्च परिशुद्धता बनाए रखते हैं। ये जंगरोधी, अम्ल- और जलरोधी, घिसावरोधी, गैर-चुंबकीय और गैर-विकृतकारी भी होते हैं। ग्रेनाइट के चबूतरे मशीनरी कारखानों में मापने के उपकरणों के लिए उपयुक्त हैं। उच्च गुणवत्ता वाले प्राकृतिक संगमरमर से बने ये चबूतरे मशीनिंग और हाथ से घिसाई करके तैयार किए जाते हैं। इनमें काली चमक, सटीक संरचना, एकसमान बनावट, उत्कृष्ट स्थिरता, उच्च शक्ति और उच्च कठोरता जैसे गुण होते हैं। ये जंगरोधी, अम्ल- और जलरोधी, गैर-चुंबकीय, गैर-विकृतकारी और घिसावरोधी भी होते हैं। ये भारी भार और मध्यम तापमान पर भी स्थिरता बनाए रखते हैं। ग्रेनाइट के चबूतरे प्राकृतिक पत्थर से बने परिशुद्धता संदर्भ मापन उपकरण हैं। ये निरीक्षण उपकरणों, परिशुद्धता उपकरणों और यांत्रिक घटकों के लिए आदर्श संदर्भ सतह हैं। इनके अद्वितीय गुणों के कारण ढलवां लोहे के चबूतरे इनके सामने फीके पड़ जाते हैं। ग्रेनाइट के चबूतरे पत्थर से बने परिशुद्धता मानक मापन उपकरण हैं।

माप-माप के लिए परिशुद्ध ग्रेनाइट प्लेटफॉर्म

ये यंत्रों, सटीक औजारों और यांत्रिक घटकों के निरीक्षण के लिए आदर्श हैं। ग्रेनाइट के चबूतरे विशेष रूप से उच्च परिशुद्धता माप के लिए उपयुक्त हैं। ग्रेनाइट भूमिगत चट्टानों की परतों से प्राप्त होता है और लाखों वर्षों की प्राकृतिक प्रक्रिया से गुजरा है, जिसके परिणामस्वरूप इसका स्वरूप अत्यंत स्थिर हो जाता है। सामान्य तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण इसमें विरूपण का कोई खतरा नहीं होता। ग्रेनाइट के चबूतरे सावधानीपूर्वक चयनित सामग्रियों से बने होते हैं और कठोर भौतिक परीक्षणों से गुजरते हैं, जिसके परिणामस्वरूप महीन क्रिस्टल और कठोर बनावट प्राप्त होती है। ग्रेनाइट एक अधात्विक पदार्थ होने के कारण चुंबकीय गुण प्रदर्शित करता है और इसमें कोई प्लास्टिक विरूपण नहीं होता। संगमरमर के चबूतरे उच्च कठोरता वाले होते हैं, जिसके परिणामस्वरूप उत्कृष्ट परिशुद्धता बनी रहती है।

कई उपयोगकर्ता पूछते हैं कि ग्रेनाइट के चबूतरे काले क्यों होते हैं। प्राकृतिक ग्रेनाइट में अभ्रक होता है। हीरे और अभ्रक के बीच घर्षण से एक काला पदार्थ बनता है, जिससे धूसर संगमरमर काला हो जाता है। यही कारण है कि ग्रेनाइट के चबूतरे प्राकृतिक रूप से धूसर होते हैं, लेकिन प्रसंस्करण के बाद काले हो जाते हैं। उपयोगकर्ताओं की ग्रेनाइट चबूतरों की गुणवत्ता को लेकर अपेक्षाएं लगातार बढ़ रही हैं। इनसे उच्च परिशुद्धता वाले वर्कपीस का निरीक्षण किया जा सकता है। ग्रेनाइट चबूतरों का उपयोग मुख्य रूप से कारखाने में गुणवत्ता निरीक्षण के लिए किया जाता है, और ये कारखाने में उत्पाद की गुणवत्ता की अंतिम जांच का बिंदु भी होते हैं। यह सटीक माप उपकरण के रूप में संगमरमर के चबूतरों के महत्व को दर्शाता है।


पोस्ट करने का समय: 01 सितंबर 2025