ग्रेनाइट में सुंदर रूप और कठोरता जैसे गुण क्यों होते हैं?

ग्रेनाइट के खनिज कणों में से 90% से अधिक फेल्डस्पार और क्वार्ट्ज होते हैं, जिनमें से फेल्डस्पार की मात्रा सबसे अधिक होती है। फेल्डस्पार अक्सर सफेद, धूसर और मांसल लाल रंग का होता है, जबकि क्वार्ट्ज ज्यादातर रंगहीन या धूसर-सफेद होता है, जो ग्रेनाइट का मूल रंग बनाते हैं। फेल्डस्पार और क्वार्ट्ज कठोर खनिज हैं, और इन्हें स्टील के चाकू से काटना मुश्किल होता है। ग्रेनाइट में पाए जाने वाले काले धब्बे मुख्य रूप से काले अभ्रक के होते हैं, लेकिन इनमें कुछ अन्य खनिज भी मौजूद होते हैं। हालांकि बायोटाइट अपेक्षाकृत नरम होता है, लेकिन तनाव का सामना करने की इसकी क्षमता कमजोर नहीं होती है, और ग्रेनाइट में इसकी मात्रा कम होती है, अक्सर 10% से भी कम। यही वह भौतिक स्थिति है जिसमें ग्रेनाइट विशेष रूप से मजबूत होता है।

ग्रेनाइट की मजबूती का एक और कारण यह है कि इसके खनिज कण आपस में कसकर जुड़े होते हैं और एक दूसरे में धंसे होते हैं। इसके छिद्र अक्सर चट्टान के कुल आयतन के 1% से भी कम होते हैं। इसी कारण ग्रेनाइट में तीव्र दबाव सहने की क्षमता होती है और नमी इसमें आसानी से प्रवेश नहीं कर पाती।


पोस्ट करने का समय: 8 मई 2021