मुझे कोऑर्डिनेट मेजरिंग मशीन (सीएमएम मशीन) की आवश्यकता क्यों है?

आपको यह जानना चाहिए कि वे प्रत्येक विनिर्माण प्रक्रिया के लिए क्यों प्रासंगिक हैं। इस प्रश्न का उत्तर देने के लिए संचालन के संदर्भ में पारंपरिक और नई विधि के बीच अंतर को समझना आवश्यक है।

पुर्जों को मापने की पारंपरिक विधि में कई सीमाएँ हैं। उदाहरण के लिए, इसमें पुर्जों का निरीक्षण करने वाले ऑपरेटर के अनुभव और कौशल की आवश्यकता होती है। यदि यह पर्याप्त रूप से प्रदर्शित नहीं होता है, तो इससे घटिया गुणवत्ता वाले पुर्जों की आपूर्ति हो सकती है।

इसका एक और कारण इस सदी में उत्पादित होने वाले पुर्जों की जटिलता में निहित है। तकनीकी क्षेत्र में विकास के कारण अधिक जटिल पुर्जों का निर्माण हुआ है। इसलिए, इस प्रक्रिया के लिए सीएमएम मशीन का उपयोग करना बेहतर है।

सीएमएम मशीन में पारंपरिक विधि की तुलना में पुर्जों को बार-बार मापने की गति और सटीकता अधिक होती है। यह उत्पादकता बढ़ाती है और माप प्रक्रिया में त्रुटियों की संभावना को कम करती है। संक्षेप में, सीएमएम मशीन क्या है, इसकी आवश्यकता क्यों है, और इसका उपयोग करने से समय और धन की बचत होगी और आपकी कंपनी की प्रतिष्ठा और छवि में सुधार होगा।


पोस्ट करने का समय: 19 जनवरी 2022