ग्रेनाइट एयर बेयरिंग सिस्टम का व्यापक रूप से उपयोग किया जाता हैअल्ट्रा परिशुद्धतासेमीकंडक्टर निर्माण, ऑप्टिकल अलाइनमेंट और नैनोमीटर-स्केल मेट्रोलॉजी के लिए मोशन प्लेटफॉर्म।
ये प्रणालियाँ पतली दबावयुक्त वायु फिल्म का उपयोग करके यांत्रिक संपर्क को समाप्त कर देती हैं, जिससे लगभग शून्य घर्षण वाली गति प्राप्त होती है।
वायु वाहक सिद्धांत
एयर बेयरिंग दो सतहों के बीच संपीड़ित हवा डालकर काम करते हैं, जिससे 2-20 माइक्रोमीटर की वायु फिल्म बनती है।
इससे निम्नलिखित समस्याएं दूर हो जाती हैं:
- यांत्रिक घर्षण
- घिसाव
- स्टिक-स्लिप व्यवहार
यह प्रणाली द्रव फिल्म गतिशीलता और स्थिर स्तरित प्रवाह पर आधारित है।
ग्रेनाइट की भूमिका
ग्रेनाइट निम्नलिखित लाभ प्रदान करता है:
- संरचनात्मक स्थिरता
- थर्मल बहाव दमन
- कंपन अवमंदन
यह गति प्रणाली के लिए यांत्रिक संदर्भ आधार के रूप में कार्य करता है।
सिस्टम घटक
- ग्रेनाइट बेस
- एयर बेयरिंग पैड
- वायु आपूर्ति प्रणाली
- परिशुद्धता एनकोडर
- गति नियंत्रण प्रणाली
प्रदर्शन विशेषताएँ
सामान्य प्रदर्शन में निम्नलिखित शामिल हैं:
- सब-माइक्रोन स्थिति निर्धारण सटीकता
- लंबी यात्रा के दौरान उच्च स्तर की सीधी रेखा
- शून्य यांत्रिक प्रतिक्रिया
त्रुटि के प्रमुख स्रोतों में वायु दाब अस्थिरता, थर्मल ड्रिफ्ट और एनकोडर त्रुटि शामिल हैं।
आवेदन
- सेमीकंडक्टर वेफर निरीक्षण
- लिथोग्राफी प्रणालियाँ
- ऑप्टिकल संरेखण प्लेटफॉर्म
- उच्च स्तरीय मापन मशीनें
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या एयर बेयरिंग घिस जाते हैं?
यांत्रिक संपर्क न होने से घिसावट नहीं होती।
ग्रेनाइट का उपयोग क्यों करें?
स्थिरता और कंपन को कम करने के लिए।
सटीकता को क्या सीमित करता है?
वायु स्थिरता और तापीय प्रभाव।
क्या वे भारी बोझ उठा सकते हैं?
हां, डिजाइन पर निर्भर करता है।
पोस्ट करने का समय: 3 जुलाई 2026
